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अफसरों के सामने गाय ने आकर खोल दी पशु पालक की पोल
उज्जैन । गुरुवार को बसंत विहार में दोपहर पौने दो बजे नगर निगम के अपर कमिश्नर विशालसिंह चौहान व गैंग को देखते ही पशुबाड़ा मालिक गिरधारी चावड़ा व उनका परिवार कहने लगा साहब, हमारे यहां एक भी गाय नहीं है। आप चाहो तो बाड़े में देख लो। बाड़े में दो भैंस बंधी थी। इसी बीच एक गाय बाहर से दौड़ती हुई आई और बाड़े में खूंटे के पास खड़ी हो गई। इसके बाद चावड़ा परिवार के पास कोई जवाब नहीं था। लिहाजा गैंग ने तुड़ाई शुरू कर दी। टीम ने बाड़े हटाने की शुरुआत सुबह 11.30 बजे सुदामा नगर से की। यहां भाजपा नेता राकेश यादव के सहित दो बाड़े तोड़े। क्षेत्र में ही सुलभ कॉॅम्प्लेक्स के समीप वाली दो स्थानों की शासकीय भूमि से अतिक्रमण भी हटाया। कुछ लोगों ने लकड़ी-झंकड़ व तार फेंसिंग कर इन्हें खुला बाड़ा बना रखा था। सुदामा नगर में ही कुछ युवक मवेशियों को भगाने की कोशिश कर रहे थे। कमिश्नर विशाल सिंह चौहान ने नजर पड़ते ही गैंग कर्मियों के साथ इन्हें घेर लिया और इनकी बाइक से चाबी निकाली। बाद में चाबी लौटाते वक्त चेतावनी दी कि यदि अब वे कहीं भी निगम की टीम के आगे चलते दिखाई दिए तो थाने में बंद करवा देंगे।
महिला ने की झूमाझटकी
जिस समय कार्रवाई चल रही थी तभी भवन स्वामी लीलादेवी मिश्रा (72) आ गई। उन्होंने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। इस पर निगम अधिकारियों ने कर्मचारी महिलाओं के माध्यम से उन्हें मौके पर से हटाया। इस दौरान उनके बीच झूमा-झटकी भी हुई। बाद में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों ने बताया कि उनके हाथों में चोट लगी है। लीलादेवी का कहना है कि निगम अधिकारियों ने बिना सूचना कार्रवाई की है। निगम के नोटिस के बाद बेसमेंट पार्किंग के लिए खाली कराया जा रहा था। निगम अधिकारियों ने बेवजह तोड़-फोड़ की, जिससे नुकसान भी हुआ है।
आधे घंटे में कार्रवाई
निगम का अमला दोपहर करीब दो बजे पहुंचा। जब तक भवन स्वामी कोई रोक-टोक करते निगम कर्मचारियों ने शटर खोल दिया। अधिकारियों ने भीतर मुआयना किया। वहां अटाला भरा था। उन्हें 24 घंटे में सामान हटा कर पार्किंग शुरू करने की हिदायत देकर अधिकारी बाहर आ गए। इसके बाद जेसीबी से शटर तोड़ दिया गया। बेसमेंट में जाने के रास्ते में रुकावट को भी हथौड़ों से तोड़ दिया।